विनेश फोगाट ने डेढ़ साल बाद खेल के मैदान में उतारने का किया फैसला, कहा, मेरे भीतर की आग अभी भी जिंदा है
विनेश फोगाट ने डेढ़ साल बाद खेल के मैदान में उतारने का किया फैसला, कहा, मेरे भीतर की आग अभी भी जिंदा है

Satya Khabar Panchkula
हरियाणा के जुलाना से कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने अपने सोशल मीडिया पर एक भावुक पत्र जारी कर डेढ़ साल पहले खेल से संन्यास लेने के वापस लेने का ऐलान किया है। उन्होंने लेटर में लिखा है, इस बार लॉस एंजेलिस ओलंपिक की राह पर मैं अकेली नहीं चल रही हूं… मेरा बेटा भी मेरी टीम में शामिल हो रहा है मेरा सबसे बड़ा मोटिवेशन, मेरा छोटा चीयर लीडर। भारतीय स्टार पहलवान विनेश फोगाट ने शुक्रवार को अपने संन्यास का फैसला वापस लेते हुए दोबारा मैट पर उतरने की घोषणा की। पेरिस ओलंपिक के दर्दनाक अनुभव के बाद उन्होंने खेल छोड़ने का निर्णय लिया था, लेकिन अब 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक में पदक जीतने का उनका सपना एक बार फिर जीवित हो गया है।
हरियाणा कांग्रेस की विधायक ने कहा कि वह अब अपना अधूरा ओलंपिक सपना पूरा करने के लिए 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक की तैयारी करेंगी। 2024 में विनेश फाइनल में पहुंचने के बाद पदक नहीं जीत सकी थीं और अब उनका ख्वाब स्वर्ण पदक के उसी अधूरे सपने को पूरा करना है। 2024 में फाइनल में विनेश डिस्क्वालिफाई हुई थीं और कोई पदक नहीं जीत सकी थीं। 2024 पेरिस ओलंपिक में कुश्ती में विनेश फोगाट इतिहास रचने के बेहद करीब थीं। वह ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनी थीं और जिस फॉर्म में वह थीं, ऐसा लग रहा था कि वह स्वर्ण भी जीत जाएंगी, लेकिन फाइनल से कुछ घंटे पहले उनका वजन 100 ग्राम ज्यादा पाया गया, जिसके चलते उन्हें मुकाबले से बाहर कर दिया गया। विनेश ने UWW और उसके बाद CAS में अपील की, लेकिन दोनों ने उनकी दलीलों को खारिज कर दिया। इस घटना के बाद उन्होंने भावनात्मक रूप से टूटकर संन्यास का ऐलान कर दिया था। इसके बाद उन्होंने भावनात्मक तौर पर टूटकर संन्यास की घोषणा कर दी थी।
ब्रेक के दौरान क्या हुआ
विनेश फोगाट ने लिखा, ब्रेक के दौरान विनेश ने अपने संघर्ष, करियर और भविष्य पर गहरा आत्ममंथन किया। उन्होंने लिखा— “मैंने खुद को पहली बार सांस लेने दिया… और महसूस किया कि मेरे भीतर की आग अभी भी जिंदा है।” उन्होंने कहा कि वे लॉस एंजेलिस 2028 के लिए पूरी हिम्मत और नए जज़्बे के साथ तैयारी करेंगी। विनेश ने लिखा, ‘लोग पूछते रहे कि क्या पेरिस ही अंत था। काफी लंबे समय तक, मेरे पास कोई जवाब नहीं था। मुझे मैट से दूर होने की जरूरत थी। दबाव से, उम्मीदों से, यहां तक कि अपनी खुद की महत्वाकांक्षाओं से भी दूर रहने की जरूरत थी। कई वर्षों में पहली बार, मैंने खुद को सच में सांस लेने दिया। विनेश ने लिखा, ‘मैंने उतार-चढ़ाव, टूटे हुए पल, वो कुर्बानियां और मेरे वो रूप जिन्हें दुनिया ने कभी नहीं देखा और अपने सफर के बोझ को समझने के लिए समय लिया और उसी चिंतन में मुझे सच मिला। मुझे अब भी यह खेल (कुश्ती) पसंद है। मैं अब भी मुकाबला करना चाहती हूं। उस खामोशी में, मैंने वह चीज पाई जिसे मैं भूल चुकी थी- वो आग कभी बुझी ही नहीं। वह बस थकान और शोर के नीचे दब गई थी।’
विनेश उन चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों में शामिल होंगी जो मां बनने के बाद खेल में वापसी कर रही हैं। 2025 में उन्होंने बेटे को जन्म दिया था। विनेश ने लिखा, ‘अनुशासन, दिनचर्या, लड़ाई… यह सब मेरे भीतर बसा है। चाहे मैं कितनी भी दूर चली गई, मेरा एक हिस्सा हमेशा मैट पर ही रहा। तो मैं यहां हूं…लॉस एंजिलिस ओलंपिक की तरफ फिर से कदम बढ़ाते हुए, एक ऐसे दिल के साथ जो बेखौफ है और एक ऐसी आत्मा के साथ जो झुकने से इनकार करती है।